वन संरक्षण क्यों जरुरी है

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जानिए वन संरक्षण क्यों आवश्यक है ? Why forest conservation is necessary?





आर्थिक और वैज्ञानिक विकास के साथ देश ने जो भी तरक्की की है, वह कई मायनों में भले ही संतोषप्रद कहीं जाए, लेकिन पर्यावरण और वन संरक्षण उनसे जुड़ी दूसरी समस्याओं ने इस विकास पर प्रश्न चिन्ह लगा दिया है. जल, जंगल और जमीन एक दूसरे से सीधे जुड़े हुए है. उसके दोहन से इसका क्षेत्र सिमटता जा रहा है. वहीं पर नियोजित जीवन यापन के लिए समस्याए भी पैदा हुई है.





जंगलों के साथ मनुष्य का रिश्ता आदिकाल से रहा है, लेकिन वैज्ञानिक प्रगति की स्थिति भी बदलती है. वनों का कटाव घरेलु, ओद्योगिकी व यांत्रिक जरूरतों की वजह से बढ़ गया. इससे यहाँ वन ख़त्म हुए, वही पर वनों के साथ का रिश्ता भी सहचर का न होअक्र क्रूर बनता गया. वनों की कटाई में बढती जनसँख्या का भी योगदान है. इससे पर्यावरण प्रदुषण, प्राकृतिक व जैविक असंतुलन बढ़ता जा रहा है. पृथ्वी पर प्राणिमात्र के अस्तित्व पर खतरा भी बढ़ता जा रहा है.









वन संरक्षण क्यों जरुरी है





पर्यावरणविदों के मुताबिक स्वस्थ और आदर्श प्राकृतिक संतुलन के लिए देश की एक तिहाई भूमि पर वनों का होना जरुरी है. स्वस्थ पर्यावरण के लिए कम से कम ११ करोंड हेक्टेयर भूमि पर घने जंगल होना जरुरी है. जबकि वन विभाग के मुताबिक देश में ६ करोड़ हेक्टेयर भूमि पर ही सघन वन है, लेकिन अंधाधुन्द कटाई की वजह से यह क्षेत्र भी लगातार कम होता जा रहा है, कृषि योग्य भूमि को बढ़ाने के लिए भी वनों की कटाई जारी है.





गौरतलब है कि जिस तेजी से जनसंख्या का अनुपात बढ़ा, उसी अनुपात से वनों का क्षेत्रफल बहुत कम हुआ है. परिणामस्वरूप पर्यावरण असंतुलन, धरती का बढ़ता तापमान जीवन विस्थापन की समस्या, जैविक समस्या, जंगली पशुओं का लुप्त होना. मौसम अन्संतुलन और ओषधियो का लुप्त होना जैसी विनाशकारी समस्याएँ उठ खड़ीं हुई है.





यदि समय रहते इसे रोका नहीं गया तो पृथ्वी पर प्राणी अस्तित्व का संतुलन बढ़ता जायेगा. आज जबकि पश्चिमी देशों के दबाव और अन्धाधुनुकरण की वजह से देश में भूमंडलीयकरण उदारीकरण और निजीकरण का दौर चल रहा है. उसमें वनों के कटाव तथा शेष बचें वनों का संरक्षण बहुत जरुरी है. इस चुनोती प् अभी से चिंतित व चिंतन होने की जरुरत है.


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